शरीर की इम्युनिटी बढाने के लिये खाएं केवल ये चीज। बच्चों के लिये है अमृत जैसा।

सर्दियां आ चुकी है, सर्दियों में बच्चों को कफ और जुखाम की समस्या ज्यादा रहती है ।
और बड़ों में भी सर्दी जुखाम हो जाता है परिवार के हर एक सदस्य के लिए यह एक चीज बहुत जरूरी है। अगर इसे हर रात को बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको खिलाया जाए तो सर्दियों में जुकाम कफ खांसी जैसी समस्याओं का समाधान हो जाता है
खासतौर पर बच्चों को सर्दी जुखाम की समस्या ज्यादा रहती हैं।

ऐसे में पेरेंट्स बहुत चिंतित रहते हैं कि बच्चों को क्या दिया जाए कि वह ठीक हो। सर्दियां छोटे बच्चों के लिए बहुत भारी होती है खास तौर पर 1 से 2 साल के बच्चों के लिए। क्योंकि छोटे बच्चे जो स्तनपान करते हैं वो मां की ठंड भी चूस लेते हैं।
किसी भी बच्चे की दो सर्दियां बहुत भारी होती है और इन दो सर्दियों में मां को खास ध्यान रखना चाहिए बच्चे का अगर दो सर्दियों में बच्चे का ख्याल बहुत ध्यान से रखा जाए तो बच्चे को निमोनिया से बचाया जा सकता है।
दो सर्दियों से मेरा तात्पर्य है बच्चे के जन्म के बाद आने वाली दो सर्दियों के सीजन ,अक्षर बुजुर्ग दादिया कहती हैं कि अगर 2 साल बच्चों का ध्यान रख लिया जाए तो बच्चे कई प्रकार की बीमारियों से बच जाते हैं। खासतौर पर निमोनिया से छोटे बच्चों के छाती पर थोड़ी सी ठंड जल्दी जम जाती है और कफ और खांसी की शिकायत होने लगती है उसे जल्दी से ठीक ना किया जाए तो भारी नुकसान हो सकता है।
मगर खांसी कफ और छोटे-मोटे जुखाम से बचने के लिए सिर्फ एक चीज बच्चों को खिला दी जाए सोते समय तो बच्चे सर्दियों में आराम से सो सकते हैं
शहद और दूध बच्चों को थोड़ा सा शहर रात के समय को दूध में मिलाकर पिला देने से कफ की शिकायत पूरी तरह से खत्म हो जाती है।
6महीने के बच्चों को कैसे खिलाएं
6 महीने से कम बच्चों को सर्दी जुखाम कम ही लगता है अगर लग भी जाए तो उन्हें शहद नहीं देना चाहिए अगर बहुत ज्यादा जरुरत हो तो एक बुंद बराबर ही देना चाहिए।

और बड़ों में भी सर्दी जुखाम हो जाता है परिवार के हर एक सदस्य के लिए यह एक चीज बहुत जरूरी है। अगर इसे हर रात को बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको खिलाया जाए तो सर्दियों में जुकाम कफ खांसी जैसी समस्याओं का समाधान हो जाता है
खासतौर पर बच्चों को सर्दी जुखाम की समस्या ज्यादा रहती हैं

ऐसे में पेरेंट्स बहुत चिंतित रहते हैं कि बच्चों को क्या दिया जाए कि वह ठीक हो। सर्दियां छोटे बच्चों के लिए बहुत भारी होती है खास तौर पर 1 से 2 साल के बच्चों के लिए। क्योंकि छोटे बच्चे जो स्तनपान करते हैं वो मां की ठंड और जुकाम भी ले लेते हैं।
किसी भी बच्चे की दो सर्दियां बहुत भारी होती है और इन दो सर्दियों में मां को खास ध्यान रखना चाहिए बच्चे का अगर दो सर्दियों में बच्चे का ख्याल बहुत ध्यान से रखा जाए तो बच्चे को निमोनिया से बचाया जा सकता है
दो सर्दियों से मेरा तात्पर्य है बच्चे के जन्म के बाद आने वाली दो सर्दियों के सीजन ,अक्षर बुजुर्ग दादिया कहती हैं कि अगर 2 साल बच्चों का ध्यान रख लिया जाए तो बच्चे कई प्रकार की बीमारियों से बच जाते हैं। खासतौर पर निमोनिया से छोटे बच्चों के छाती पर थोड़ी सी ठंड जल्दी जम जाती है और कफ और खांसी की शिकायत होने लगती है उसे जल्दी से ठीक ना किया जाए तो भारी नुकसान हो सकता है।
मगर खांसी कफ और छोटे-मोटे जुखाम से बचने के लिए सिर्फ एक चीज बच्चों को खिला दी जाए सोते समय तो बच्चे सर्दियों में आराम से सो सकते हैं
शहद और दूध
बच्चों को थोड़ा सा शहर रात के समय को दूध में मिलाकर पिला देने से कफ की शिकायत पूरी तरह से खत्म हो जाती है
6महीने के बच्चों को कैसे खिलाएं
6 महीने से कम बच्चों को सर्दी जुखाम कम ही लगता है अगर लग भी जाए तो उन्हें शहद नहीं देना चाहिए अगर बहुत ज्यादा जरुरत हो तो एक बुंद बराबर ही देना चाहिए।
6महीने से बडे बच्चों को दूध में मिलाकर शहद पिलाएं दो खाने के चम्मच दुध में आधा चम्मच शहद मिलाकर थोड़ा थोड़ा पिलाए । ज्ञान रहे कि बच्चे ने पहले घी या कोई चिकनाई ना खा रखी हो चिकनाई पर शहद रिएक्शन करता ह।
बच्चा अगर दूध नहीं पीता तो शहद में जायफल या तुलसी का रस मिलाकर चटाएं।
एक से तीन साल तक के बच्चों को कैसे खिलाएं
एक साल के बच्चों को एक गिलास दूध में एक चम्मच शहद रात में सोने से पहले पिलाना चाहिए।
रात में बच्चा आराम से सो पाएगा और उसकी के शरीर से कफ और सर्दी दूर हो जाएंगे। 1 साल को दूध और शहद के साथ जायफल पिलाना चाहिए।
याद रखिए कि दूध और शहद सर्दियों में हमेशा पिए जा सकते हैं लेकिन जायफल केवल सर्दी जुकाम या कफ होने पर ही पिलाएं। जायफल बहुत ज्यादा गर्म होता है तो उसे बच्चों में गर्मी से कुछ समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं थोड़े से जैसे जायफल से कोई प्रॉब्लम नहीं है
केसे 3 साल तक के बच्चों को सर्दी में शहद और जायफल देने से बच्चों को दस्त लग जाती है उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि छोटे बच्चों का जुकाम या कफ दस्त के साथ निकल जाता है
बड़ी बच्चों को कैसे खिलाए
3 साल से बड़े बच्चों को बिना दूध के भी शहद खिलाया जा सकता है इसकी मात्रा ज्यादा होने पर भी कोई समस्या नहीं है।
महिलाएं वह घर के बाकी बड़े सदस्य भी शहद और दूध मिलाकर पीने की सर्दियों में आदत बनाले यह सेहत की लिए बहुत लाभदायक है । शहद से इम्युनिटी पॉवर मजबूत होता है।

शहद में जरुरी एंटीओक्सिडेंट की मात्रा काफी ज्यादा होती है इसमें मोजुद एंटीओक्सिडेंट दिल के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं और दिल से जुड़ी कई तरह की बीमारियों से बचाव करते हैं इसके अलावा शाहद का मुख्य काम है शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है
इम्युनिटी पॉवर मजबूत होने से कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है।

Go and subscribe our comedy video channel …By clicking above button .

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started